Concept note विश्व बैंक की स्थापना 1944 में अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ अन्तर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (IBRD) के रूप में की गई थी। IBRD को ही विश्व बैंक के रूप में जाना जाता है। यह विकासशील देशों में गरीबी को कम करने और साझा समृद्धि का निर्माण करने वाले स्थायी समाधानों के लिए कार्य कर रहे पाँच संस्थानों की एक अनूठी वैश्विक साझेदारी है। विश्व बैंक विभिन्न देशों को प्रति व्यक्ति आय के आधार पर वर्गीकृत करता है।
Concept note उत्पादन लागत पर भारत की जीडीपी की गणना करते समय, केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने आठ विभिन्न उद्योगों के प्रदर्शन का आकलन किया है। जो निम्न हैं - भाग–4 (Eम्दहदस्ब्) 1. कृषि, वानिकी और मत्स्य 2. खनन और उत्खनन 3. उत्पादन/विनिर्माण 4. बिजली, गैस और पानी की आपूर्ति 5. निर्माण 6. व्यापार, होटल, परिवहन और संचार 7. वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवाएँ 8. समुदाय, सामाजिक और व्यक्तिगत सेवाएं
Concept note किसी देश के सकल घरेलू उत्पाद में से उस देश के पूँजी वस्तुओं पर मूल्यह्नास (डिप्रेशिएशन) को घटाने पर निवल घरेलू उत्पाद प्राप्त होता है। अत: – सकल घरेलू उत्पाद – मूल्यह्नास · निवल घरेलू उत्पाद
Concept note सकल राष्ट्रीय खुशी (खुशहाली) सूचकांक नौ बिन्दुओं के तहत वर्गीकृत 33 संकेतकों से विकसित एक एकल संख्या सूचकांक है। सेंटर फॉर भूटान स्टडीज ने अलकीरे-फोस्टर पद्धति के रूप में जानी जाने वाली मजबूत बहुआयामी पद्धति का उपयोग करके G.N.H.I. का निर्माण किया। संयुक्त राष्ट्र विश्व खुशहाली रिपोर्ट 2022 की सूची में भारत को 146 देशो में 136 वाँ स्थान मिला, जबकि फिनलैण्ड को लगातार पाँचवी बार विश्व का सबसे खुशहाल देश घोषित किया गया है।
Concept note किसी देश की घरेलू सीमा के भीतर स्थित निवासी उत्पादक तथा गैर निवासी उत्पादक इकाइयों द्वारा एक वर्ष में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं का अंतिम मौद्रिक मूल्य सकल घरेलू उत्पाद कहलाता है।
Concept note एक अर्थव्यवस्था में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य की गणना तीन विधियों द्वारा की जा सकती है: आय विधि, व्यय विधि और उत्पाद/मूल्य वर्धित विधि।
Concept note किसी भी देश की घरेलू सीमा के भीतर एक वर्ष में उत्पादित की गई सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के बाजार मूल्य के समग्र योग को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) कहते हैं। उत्पादन के अंतर्गत सभी वस्तुओं या सेवाओं को ध्यान में नहीं रखा जाता सिर्फ अंतिम वस्तु को ही गिना जाता है। जीडीपी की गणना करने हेतु निम्न समीकरण का प्रयोग किया जाता है- सकल घरेलू उत्पाद · निजी खपत ± सकल निवेश ± सरकारी निवेश ± सरकारी खर्च ± (निर्यात - आयात)
Concept note सकल घरेलू उत्पाद–सकल घरेलू उत्पाद अथवा GDP देश की सीमा के अन्दर (देश की भौगोलिक सीमाओं के भीतर) किसी दी हुयी समयावधि के (एक वित्तिय वर्ष) में उत्पादित अन्तिम वस्तुओं तथा सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य होता है। किन्तु यहाँ यह बता देना उचित होगा कि यह सदैव आवश्यक नहीं है कि सम्पूर्ण GDP देशवासियों की उत्पादक सेवाओं का ही परिणाम होता है। वास्तव में जीडीपी का कुछ भाग उन विदेशियों की उत्पादक सेवाओं का परिणाम हो सकता है, जिन्होंने अपनी पूँजी तथा तकनीकी ज्ञान का उपयोग करके देश में कुल उत्पत्ति के कुछ भाग का उत्पादन किया है। महाराष्ट्र की जीडीपी सबसे अधिक है।
Concept note पूंजीगत वस्तुओं में किसी भी औद्योगिक उत्पादन में सहयोगी मशीने आती है जिससे बड़े स्तर पर उत्पादन कार्य होता है। मूल्यह्रास इन्हीं पूंजीगत वस्तुओं में होने वाले टूट-फूट से होने वाले नुकसान के लिए एक वार्षिक भत्ता है।
Concept note राष्ट्रीय आय का मतलब है एक देश के सभी सामान्य निवासियों द्वारा एक वर्ष की अवधि में अर्जित कुल आय, अर्थात् राष्ट्रीय आय · उपभोग ± निवेश देश के सभी निवासियों की आय को सकल राष्ट्रीय आय कहा जाता है। सकल राष्ट्रीय आय किसी देश में निवासियों द्वारा प्राप्त आय को कहते है, चाहे वह देश में हो या विदेशों से।
Concept note राष्ट्रीय आय का अर्थ किसी देश की अर्थव्यवस्था में एक निश्चित समय में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं तथा सेवाओं के कुल मौद्रिक मूल्य से है। जब शुद्ध उत्पाद का मूल्यांकन साधन लागत पर किया जाता है तो राष्ट्रीय आय प्राप्त होती है। अर्थात् साधन लागत पर राष्ट्रीय आय · निवल राष्ट्रीय उत्पाद बाजार कीमत पर – (अप्रत्यक्ष कर –उपदान)
Concept note एक वर्ष में राष्ट्र के निवासियों को प्राप्त होने वाली वास्तविक आय वैयक्तिक आय कहलाती है। वैयक्तिक आय · राष्ट्रीय आय – अन्तरण भुगतान – निगम कर – अवितरित लाभ – सामाजिक सुरक्षा अनुदान
Concept note राष्ट्रीय आय से तात्पर्य है अर्थव्यवस्था द्वारा एक वित्तीय वर्ष में उत्पादित अन्तिम वस्तुओं व सेवाओं के शुद्ध मूल्य के योग से होता है। इसमें विदेशों से अर्जित शुद्ध आय भी होती है। राष्ट्रीय आय के माप के लिए अनेक अवधारणाओं का उपयोग किया जाता है। दिये गये प्रश्नानुसार, निवल राष्ट्रीय उत्पाद बाजार कीमत पर – निवल अप्रत्यक्ष करृ साधन लागत पर निवल राष्ट्रीय उत्पाद अत: दिये गये विकल्पों में से विकल्प (a) सही उत्तर होगा।
Concept note प्रति व्यक्ति आय · कुल आय ÷ कुल जनसख्ंया किसी राष्ट्र के आर्थिक विकास के मापन का सबसे उचित पैमाना उस देश की प्रतिव्यक्ति मौद्रिक आय होती है। प्रतिव्यक्ति आय वह आय है जो देशवासियों को वास्तव में प्राप्त होती है। वैयक्तिक आय · राष्ट्रीय आय - निगमों का अवितरित लाभांश - निगमकर - सामाजिक योजना हेतु किया गया भुगतान ± सरकारी हस्तांतरण भुगतान ± सुरक्षा व्यापारिक हस्तांतरण भुगतान
Syllabus roadmap
Topics to cover next.
01
General practice
Topic-wise questions and study coverage will appear here.
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