लाइसोसोम कोशिका के पाचन तंत्र के रूप में कार्य करता है और कोशिका के बाहर से ली गई सामग्री को अपघटित करने और कोशिका के अपचित घटकों को पचाने का कार्य करता है।
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लाइसोसोम कोशिका के पाचन तंत्र के रूप में कार्य करता है और कोशिका के बाहर से ली गई सामग्री को अपघटित करने और कोशिका के अपचित घटकों को पचाने का कार्य करता है।
Q82.निम्नलिखित में से कौन-सी कोशिकीय संरचनाएँ, प्रोटीन संश्लेषण के लिए उत्तरदायी होती हैं?
राइबोसोम सजीव कोशिका के कोशिका द्रव में स्थित बहुत ही सूक्ष्म कण है, जो प्रोटीनों के संश्लेषण तथा कोशिकीय संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राइबोसोम की खोज 1955 के दशक में रोमानिया के जीव वैज्ञानिक ‘जॉर्ज पेलेड’ ने की थी। उन्होने इस खोज के लिये इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी का प्रयोग किया था, जिसके लिये उन्हे नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राइबोसोम नाम 1958 में वैज्ञानिक रिचर्ड बी. रॉबर्ट्स ने प्रस्तावित किया था।
Q83.प्याज में लाल रंग निम्न में से किस वर्णक के कारण होता है?
प्याज में लाल रंग ऐंथोसाइनिन के कारण होता है। जबकि प्याज में पीला रंग क्यूरेस्टीन क्वेरसिटीन के कारण होता है। वही प्याज का तीखापन एलाइल प्रोपाइलसल्फाइड के कारण होता है। इसी तरह पपीता में पीला रंग केरिक्जेन्थिन से गाजर का पीला रंग केरोटीन से और हल्दी का पीला रंग कुरकुमिन से होता है। प्याज एक वनस्पति है जिसका कंद सब्जी के रूप में प्रयोग किया जाता है। महाराष्ट्र में प्याज की खेती सबसे ज्यादा होती है।
पादप कोशिकाओं में तीन प्रकार के प्लास्टिड पाये जाते है - क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट तथा ल्यूकोप्लास्ट। क्रोमोप्लास्ट - इसमें कैरोटीन और जैथोफिल होते है, जो अनेक फूलों और फलों के साथ-साथ कुछ कंदो और जड़ो को विशिष्ट रंग प्रदान करते है तथा परागण और बीजों के फैलाव में मदद करते हैं।
Q85.पौधे की कोशिका भित्ति किससे बनी होती है?
कोशिका भित्ति, पादप कोशिका की सबसे बाहरी परत होती है। यह मोटी, मजबूत तथा निर्जीव होती है। यह मुख्यत: सेल्यूलोज (णत्त्ल्त्दो) की बनी होती है। यह पारगम्य होती है। सेल्यूलोज एक जटिल पदार्थ है जो पादप कोशिकाओं को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करता है।
Q86.गाजर का नारंगी रंग निम्नलिखित में से किसी एक की वजह से होता है।
गाजर एक सब्जी है। यह मूसला जड़ है जो शंकु आकार का होता है। गाजर का नारंगी रंग कैरोटिन के कारण होता है। गाजर के रस में विटामिन A,ँ,ण्,D,E,उ, और ख् मिलते है। यह पीलिया की प्राकृतिक औषधि है। उसका सेवन ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) और पेट के कैंसर में भी लाभदायक है। गाजर में बिटा– केरोटिन नामक औषधीय तत्व होता है। जो कैंसर पर नियंत्रण करने में उपयोगी है। इसके सेवन से इम्यूनिटी सिस्टम तो मजबूत होता है साथ ही आँखो की रोशनी भी बढ़ती है।
Q87.क्लोरोफिल में क्या होता है?
क्लोरोफिल में मैग्नीशियम नामक तत्व पाया जाता है, जिसकी उपस्थिति से पौधों में उपस्थित क्लोरोफिल प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया सम्पन्न होती है। मैग्नीशियम क्लोरोफिल में संयोजन कर प्रोटीन संश्लेषण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। पौधों में श्ु की कमी के कारण वे पीले हो जाते है, जिसे हरिमहीनता नामक रोग कहा जाता है। मैंगनीज तत्व पौधे में उपस्थित नाईट्राईट को नाईट्रेट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जबकि लौह तत्व क्रेब्स चक्र को सम्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Q88.एक पादप कोशिका में, राइबोसोम इस जगह होता है-
एक पौधे की कोशिका में राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का कार्य करता है। ये आनुवांशिक पदार्थों (डीएनए या आरएनए) के संकेतों को प्रोटीन शृंखला में पारf वर्तित करते हैं। राइबोसोम की खोज 1955 में रोमानिया के जीव वैज्ञानिक जॉर्ज पेलेड ने की थी।
Q89.मैग्नीशियम निम्नलिखित में से किसका संघटक धातु है?
मैग्नीशियम एक रासायनिक तत्व है एवं पृथ्वी पर आठवाँ बहुउपलब्ध तत्व है और पूरे ब्रह्माण्ड में नौवा। इसकी खोज जोसेफ ब्लैकर ने 1755 ई. में की। इसका एक यौगिक मिल्क ऑफ मैग्नेशिया कहलाता है। मैग्नीशियम पर्णहरित अणु (क्लोरोफिल) का संघटक धातु है। पृथ्वी पर उपस्थित कुल पौधों के क्लोरोफिल में लगभग 100 बिलियन टन मैग्नीशियम उपस्थित है।
Q90.वनस्पति कोशिका भित्ति इससे बनी होती है।
हरे पौधों की कोशिका भित्ति सेलुलोज की बनी होती है और जीव जगत में इसका बहुत महत्व है। सेलुलोज एक अकार्बनिक यौगिक है जिसका रासायनिक सूत्र (ण् प् ध्) है। 6 10 5 ह यह एक बहुशर्करा है जिसमें एक ही प्रकार के अणु लगातार जुड़ने से 1000 अणुओं वाला पॉलीमर बन जाता है। कपास के रेशों का 10% हिस्सा सेलुलोज होता है।
Q91.पौधों का हरा रंग __________ की उपस्थिति के कारण होता है।
पौधों का हरा रंग ‘क्लोरोफिल’ (हरित लवक, पर्णहरिम) की उपस्थिति के कारण होता है। क्लोरोफिल एक प्रोटीनयुक्त जटिल रासायनिक यौगिक है तथा इसी के कारण पत्तियों का रंग हरा होता है। क्लोरोफिल को ‘फोटोसिन्थेटिक पिगमेंट’ के नाम से भी जाना जाता है। हरित लवक सूर्य की ऊर्जा का अवशोषण करके वायु के साथ कार्बन डाई ऑक्साइड से पौधों में शर्कराओं, पॉलिशर्कराआें तथा अन्य जटिल कार्बनिक यौगिकों का सृजन करते है। क्लोरोफिल दो प्रकार का होता है। (1) क्लोरोफिल एल्फा (2) क्लोरोफिल बीटा
Q92.शर्करा बनाने के लिए पादप कोशिका का कौन-सा भाग सूर्य का प्रकाश ग्रहण करता है?
हरितलवक (क्लोरोप्लास्ट) एक प्रकार का कोशिकांग है जो सुकेन्द्रित पादप कोशिकाओं में और शैवालीय कोशिकाओं में पाया जाता है। हरितलवक प्रकाश संश्लेषण क्रिया द्वारा प्रकाशीय ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। इनका हरा रंग इनमें पर्णहरित (क्लोरोफिल) नामक रसायन होने के कारण है, जो प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है। 3. ऊतक (ऊग्ेले) (i) जन्तु ऊतक
Q93.वसा ऊतक, मानव शरीर में पाया जाने वाला किस प्रकार का ऊतक है?
वसा ऊतक, मानव शरीर में पाया जाने वाला एक प्रकार का संयोजी ऊतक है। संयोजी ऊतक मानव शरीर में एक अंग को दूसरे अंग से जाडे़ ने का कार्य करता है। यह प्रत्येक अंग में पाया जाता हैं। यह ऊतको का एक विस्तृत समूह है। संयोजी ऊतक का विशिष्ट कार्य संयोजन करना, अंगो को अच्छादित करना तथा उन्हें सही स्थान पर रखना है। संयोजी ऊतक कई प्रकार के होते है, जैसे- अवकाशी ऊतक, वसीय ऊतक, तन्तुमय ऊतक, अस्थि ऊतक, लसीकाभ ऊतक।
Q94.निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक पशुओं के शरीर में एक सुरक्षात्मक ऊतक का काम करता है?
पशु ऊतकों को चार भागों में बांटा गया है- (1) उपकला ऊतक (2) संयोजी ऊतक (3) पेशी ऊतक (4) तंत्रिका ऊतक उपकला ऊतक पशु शरीर में आवरण और सुरक्षात्मक ऊतक होते हैं। यह शरीर के लगभग सभी अंगों और गुहाओं को कवर करते हैं।
Q95.त्वचा निम्नलिखित में से किस प्रकार की झिल्ली है?
त्वचा एक प्रकार की क्यूटेनियस झिल्ली है। त्वचा हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है। यह शरीर को सुन्दर आकृति देने के साथ-साथ विभिन्न रोगाणुओं एवं तत्वों से बचाता है। इसकी तीन परत होती है- एपिडर्मिस, डर्मिस एवं हाइपोडर्मिंस।
सार्कोमर्स की रचना लम्बे, रेशेदार प्रोटीन्स जैसे तंतु से होती है जो मांसपेशियों के सिकुड़ने या फैलने से एक दूसरे पर सरकती है।
Q97.निम्नलिखित में से कौन सा संयोजक ऊत्तक नहीं है?
कंकाल पेशी संयोजक ऊतक नहीं है, जबकि अस्थि, रक्त, उपास्थि सभी संयोजक ऊतक है। कंकाल पेशी को रेखित ऊतक भी कहते है यह पेशी ऊतक से बना होता है। कंकाल पेशी ऊतक मुख्य रूप से कंकाल से जुड़ी होती है। तथा जन्तुओं को ऐच्छिक गति प्रदान करती है। यह ऊतक शारीरिक गति प्रदान करता है। वे सभी कोशिकायें जो कार्य संरचना तथा उत्पत्ति समान हो ऊतक कहलाते है। विभिन्न प्रकार के ऊतक मिलकर एक सुव्यवस्थित अंग का निर्माण करते हैं।
ऊतक: एक समान अथवा आपस में मिलती-जुलती कोशिकाओं का ऐसा समूह है, जिनकी कोशिकाएं एक समान कार्य करती है तथा इनकी उत्पत्ति भी एक समान कोशिकाओं से होती है। ऊत्तकों का अध्ययन ऊतक विज्ञान (प्ग्ेूदत्दुब्) के अधीन किया जाता है। इस शाखा की स्थापना मारसेलो मैल्पीघी ने किया जबकि हिस्टोलोजी नामकरण मांयर द्वारा दिया गया। ऊत्तक (ऊग्ेल) शब्द का सर्व प्रथम प्रयोग विचंट ने किया था। जन्तु ऊतक 4 प्रकार के होते है - 1. उपकला या एपिथीलियम ऊतक 2. संयोजी ऊतक 3. पेशीय ऊतक 4. तंत्रिका ऊतक एपिथीलियम ऊतक अंगों की बाहरी पतली परत तथा अंगों के भीतरी स्तर का निर्माण करती है। ऐसे ऊतक में अन्तरकोशकीय स्थान नहीं होता है। ये चार प्रकार के होते हैं- 1. शल्की या शल्काभ एपिथीलियम 2. स्तम्भाकार एपिथीलियम 3. क्यूबाईडल एपिथीलियम 4. पक्षाभी या पक्षमल एपिथीलियम। इस प्रकार दिए गये विकल्पों में ‘बेलनाकार’ ऊतक एपिथीलियम ऊतक का प्रकार नहीं है।
Q99.उपकला ऊतक का कौन सा प्रकार एक चपटी कोशिकाओं के पतले स्तर से बनता है जिसके किनारे अनियमित होते हैं?
उपकला ऊत्तक जन्तु शरीर के त्वचा एवं खोखले अन्तरागों जैसे–आहारनाल, श्वासनाल आदि के बाहरी तथा भीतरी भागों पर रक्षात्मक आवरण बनाते हैं। शल्की उपकला ऊतक चपटी, तश्तरी या शल्क के तरह होते हैं। कई स्तरों में बने ये शल्की ऊतक अंगों को एक आवरण से ढके होते हैं। पदार्थों का विसरण द्वारा एक ओर से दूसरी ओर पहुँचाना इनका मुख्य कार्य है।
कोलेजन शरीर में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला प्रोटीन है। प्रकृति में यह विशेष रूप से जानवरों में पाया जाता है। यह हड्डियों मांसपेशियों, त्वचा और टेंडन आदि जोड़ने में मदद करता है। यह स्तनपायियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला प्रोटीन है जो समग्र शरीर की प्रोटीन सामाग्री का 25-35% अंश बनाता हैं