Concept note एनोडीकरण (Aहद्ग्ेग्हु) एल्युमीनियम पर मोटी ऑक्साइड की परत बनाने की प्रक्रिया है। वायु के सम्पर्क में आने पर एल्युमीनियम पर ऑक्साइड की पतली परत का निर्माण होता है। एलुमीनियम ऑक्साइड की परत इसे संक्षारण से बचाती है।
Concept note एल्युमीनियम नाइट्राइड का रासायनिक सूत्र Aत्र् होगा। Aत्र् में Aत् और र् के एक-एक परमाणु के बीच बन्ध बनता है। दूसरी ओर, नाइट्रोजन की परमाणु संख्या 7 है, इसके बाह्यतम कोश में 5 इलेक्ट्रॉन है, इसे अष्टक प्राप्त करने के लिए तीन इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। इस प्रकार Aत् और र् परस्पर आकर्षित होते हैं तथा स्थिर वैद्युत बल में बंधकर Aत्र् (एल्युमीनियम नाइट्राइड) नामक यौगिक बनाते हैं।
Concept note चाँदी एक रासायनिक तत्व है, जिसकी परमाणु संख्या 47 और प्रतीक Aु है। यह एक नरम सफेद चमकदार संक्रमण धातु है। इसमें किसी अवयव या तत्व की उच्चतम ऊष्मीय चालकता और उच्चतम प्रकाश परावर्तन होता है।
Concept note आधुनिक ओलम्पिक स्वर्ण पदकों का प्रमुख घटक रजत (चाँदी) है क्योंकि ओलम्पिक में दिया जाने वाला स्वर्ण पदक पूर्ण रूप से शुद्ध सोने का नहीं होता। 400 ग्राम के स्वर्ण पदक में मात्र 1.34% खरा सोना होता है जबकि 92.05% चाँदी और 6.61% तांबे का मिश्रण होता है।
Concept note ब्लैक SCड व्हाइट फोटोग्राफी में सिल्वर ब्रोमाइड का प्रयोग किया जाता है। ध्यातव्य है कि कृत्रिम वर्षा कराने हेतु सिल्वर आयोडाइड का प्रयोग किया जाता है, जबकि निर्वाचन के समय मतदाताओं की उंगली में जिस स्याही का प्रयोग किया जाता है, वह सिल्वर नाइट्रेट से बनायी जाती है। सिल्वर नाइट्रेट को लूनर कॉस्टिक भी कहा जाता है।
Concept note सोना धातुओं में सबसे अधिक मुलायम एवं तन्य धातु है। यह सबसे अधिक आघातवर्ध्य धातु है। सोना ऊष्मा और विद्युत का सुचालक होता है। यह एक भारी धातु है; जिसका गलनांक, क्वथनांक तथा विशिष्ट घनत्व क्रमश: लगभग 1063ष्टण्, 2970ष्टण् तथा 19.3 होता है।
Concept note प्रकृति में सोना मुक्त एवं संयुक्त दोनों अवस्थाओं में पाया जाता है। इसका निष्कर्षण काल्वेराइट और सिल्वेनाइट अयस्क से किया जाता है। सोना की शुद्धता का मापन कैरेट में व्यक्त किया जाता है। सबसे शुद्ध सोना 24 कैरेट वाला माना जाता है।
Concept note उपर्युक्त विकल्प में सर्वाधिक तन्य धातु सोना है। सोना प्राय: मुक्त अवस्था में पाया जाता है। इसकी परमाणु संख्या (79) तथा प्रतीक (Aल्) होता है। (न्ग्). पोटैशियम
Concept note पोटैशियम नाइट्रेट एक रासायनिक यौगिक है। इसका अणुसूत्र KNO है, इसे सॉल्ट पीटर भी कहा जाता है। यह एक 3 आयनिक लवण है। पोटैशियम नाइट्रेट ‘शोरा’ नामक खनिज के रूप में मिलता है और यह नाइट्रोजन का प्राकृतिक स्रोत है।
Concept note पोटैशियम परमैगनेट का सूत्र ख्श्हध् है। इसे ‘लाल 4 दवा’ के नाम से जाना जाता है। यह जल को कीटाणुरहित बनाता है। इसका प्रयोग उद्योग तथा प्रयोगशाला में ऑक्सीकारक के रूप में तथा संक्रमणरोधक के रूप में किया जाता है। फिटकरी भी जल को शुद्ध करने में सहायता करती है। (न्ग्ग्). आयरन
Concept note जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो वह नीले रंग से भूरे रंग में परिवर्तित हो जाती है। लोहा कॉपर सल्फेट के घोल में से कॉपर को प्रस्थापित करने की क्षमता रखता है।
Concept note जब लोहा, निकेल और क्रोमियम के साथ मिश्रित होता है तो हमें स्टेनलेस स्टील प्राप्त होता है। कच्चे लोहे से इस्पात बनाने के लिए कच्चे लोहे में उपस्थित अतिरिक्त कार्बन तथा गंधक, फॉस्फोरस आदि अशुद्धियों को निकाला जाता है तथा मैग्नीज निकेल, व्रâोमियम तथा वेनेडियम आदि तत्वों को मिलाकर स्टेनलेस स्टील का निर्माण किया जाता है। भारत में देश का पहला लौह उद्योग कारखाना 1874 ई. में कुल्टी (आसनसोल, पश्चिम बंगाल) में ‘बंगाल आयरन वर्क्स’ (BIW) के नाम से स्थापित किया गया है। (न्ग्ग्ग्). मैग्नीशियम
Concept note मैग्नीशियम सल्फेट (श्ुएध्.7) को एप्सम साल्ट 4 (सेंधा नमक) के नाम से भी जाना जाता है। यह रंगहीन रवेदार ठोस पदार्थ है। इसका उपयोग कपास उद्योग तथा साबुन एवं पेन्ट उद्योग में होता है। मैग्नीशियम सल्फेट या एप्सम लवण एक यौगिक है।
Concept note मैग्नीशियम सल्फेट हेप्टाहाईड्रेट (श्ुएध्.7प् ध्) का 4 2 साधारण नाम एप्सम सॉल्ट है। सेंधा नमक को एप्सम सॉल्ट के नाम से भी जाना जाता है। एप्सम साल्ट के प्रयोग से डेड स्किन तो साफ हो जाती हैं साथ ही ब्लैकहेड्स भी दूर हो जाती हैं।
Concept note कम ताप पर सीसा श्रेष्ठ चालक की भाँति व्यवहार करता है। कुछ पदार्थ अत्यन्त कम ताप पर पूर्णत: शून्य प्रतिरोधकता प्रदर्शित करते हैं। उनके इस गुण को अति चालकता (श्रेष्ठ चालकता) कहा जाता है। ज्ञातव्य है कि धात्विक चालकों की प्रतिरोधकता उनका ताप घटाने पर घटती है परन्तु एक सीमा के बाद प्रतिरोधकता में कमी नहीं होती लेकिन अति चालकता में अतिचालक पदार्थों का ताप क्रान्तिक ताप से नीचे जाने पर प्रतिरोधकता तेजी से घटकर शून्य हो जाती है। सीसा भी लगभग- 2650ण् पर अतिचालकता प्रदर्शित करता है। (x). पारा
Concept note पारा-(मर्करी) तत्व का प्रतीक ग्रीक नाम हाइड्रार्जिरम से लिया गया है, जिसका अर्थ है ‘तरल चांदी’- जो इसकी चमकदार सतह को दर्शाता है। इसका इस्तेमाल थर्मोमीटर, बैरोमीटर, मर्करी लैंप में किया जाता है। पारा रासायनिक प्रतीक 'प्ु' तथा परमाणु क्रमांक 80 होता है।
Concept note पारा 357ष्टण् के क्वथनांक पर गर्म करने पर द्रव अवस्था से गैस अवस्था में बदल जाता है। संकेत- प्ु सामान्य तापमान पर द्रव अवस्था, उच्च घनत्व (13600 व्ु/स्3) और न्यून वाष्पदबाव के कारण पारा का उपयोग थर्मामीटर, बैरोमीटर तथा अन्य मापक उपकरणों में होता है।
Concept note पारद (पारा) ऐसी धातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में पायी जाती है। यह चाँदी जैसी सफेद एवं चमकीली धातु है तथा ऊष्मा एवं विद्युत की सुचालक है। इसका आपेक्षिक घनत्व 13.6 होता है। इसका निष्कर्षण ‘सिनेबार’ अयस्क से किया जाता है। पारा पर जल एवं क्षार का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यह धातुओं के साथ संयोगकर ‘अमलगम’ का निर्माण करती है। इसका प्रयोग ‘थर्मामीटर’ एवं बैरोमीटर जैसे मापनी में किया जाता है।
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