Concept note सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट को बेकिंग 3 सोडा, सोडियम बाइकार्बोनेट या मीठा सोडा के नाम से भी जाना जाता है। इसका उपयोग प्रति अम्लों के रूप में, सोडायुक्त पेय पदार्थ के रूप में तथा सोडाएसिड अग्निशामक के रूप में किया जाता है।
Concept note कठोर जल को उबालकर या उसमें कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड मिलकर उसे मृदु जल बनाने की प्रक्रिया को क्लार्क की प्रक्रिया कहते हैं। क्लार्क प्रोसेस में कैल्शियम हाइड्राक्साइड के प्रयोग द्वारा कठोर जल को मृदु किया जाता है। क्लार्क प्रोसेस का प्रयोग जल में घुले आयरन, मैंगनीज, रेडियम तथा आर्सेनिक आदि अशुद्धियों को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है।
Concept note पानी की कठोरता की जाँच साबुन द्वारा झाग बनाकर किया जाता है। जल की कठोरता उसमें घुले, कैल्शियम और मैग्नीशियम के सल्फेट एवं क्लोराइड तथा कार्बोनेट और बाइकार्बोनेट के कारण होती है। सल्फेट एवं क्लोराइड तथा कार्बोनेट एवं बाइकार्बोनेट की उपस्थिति के कारण ही कठोर जल साबुन के साथ झाग नहीं बनाता जबकि मृदु अथवा शुद्ध जल साबुन के साथ आसानी से झाग बना लेता है।
Concept note जल की स्थायी कठोरता उसमें उपस्थित कैल्शियम और मैग्नीशियम के सल्फेट, क्लोराइड एवं नाइट्रेट आदि लवणों के घुले रहने के कारण होती है। जल की स्थाई कठोरता जल को उबालकर दूर नहीं की जा सकती है। जल की स्थाई कठोरता को जल में वाशिंग सोडा (सोडियम कार्बोनेट) डालकर एवं परम्यूटिट (सोडियम जियोलाइट) विधि द्वारा दूर किया जाता है। कठोर जल मे साबुन आसानी से झाग उत्पन्न नही करता है।
Concept note ड्यूटेरियम के ऑक्साइड को भारी जल (D ध्) कहा 2 जाता है। यह हाइड्रोजन का एक भारी समस्थानिक है। इसकी खोज 1932 ई. में यूरे तथा वाशवर्न ने की थी। इसका अणुभार 20 होता है। साधारण जल के 5000 भाग में 1 भाग भारी जल होता है। भारी जल का मुख्य उपयोग नाभिकीय संयंत्रों में होने वाली नाभिकीय विघटन क्रियाओं के दौरान उत्पन्न न्यूट्रॉन को अवशोषित करने के लिए न्यूट्रॉन मंदक के रूप में होता है।
Concept note आसुत जल को सभी प्रकार की अशुद्धियों से पूर्णतया मुक्त माना जाता है। यह पीने योग्य नहीं होता क्योंकि इसमें जीवन के लिए आवश्यक लवण अनुपस्थित होते हैं। इससे उपस्थित सभी प्रकार की अशुद्धियों के साथ लवण भी आसवन द्वारा हटा दिया जाता है। इसका उपयोग चिकित्सकीय कार्यो जैसे-दवाइयाँ बनाने, शल्य उपकरणों आदि को धोने में किया जाता है।
Concept note हाइड्रोजन परॉक्साइड (प् ध्) एक बहुत हल्का नीला, 2 2 पानी की अपेक्षा अधिक गाढ़ा द्रव है। यह पतले घोल में रंगहीन दिखता है। इसमें ऑक्सीकरण के प्रबल गुण होते हैं। यह एक शक्तिशाली ब्लीच (विरंजक) है। इसका उपयोग विसंक्रामक, रोगाणुरोधक, ऑक्सीकारक आदि के रूप में किया जाता है।
Concept note कागज की लुगदी को रंगहीन करने के लिए हाइड्रोजन परॉक्साइड का उपयोग किया जाता है। हाइड्रोजन परॉक्साइड का रासायनिक सूत्र- प् ध् है यह एक प्रबल विरंजक पदार्थ है। 2 2 प् ध् का सामन्यत: उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में किया जाता है। 2 2
Concept note जल की कठोरता दो प्रकार की होती है। अस्थाई कठोरता– जल की अस्थाई कठोरता जल में उपस्थित कैल्शियम तथा मैग्नीशियम के कार्बोनेट एवं बाइकार्बोनेट लवणों के कारण होती है जिसे जल को उबालकर दूर किया जा सकता है। स्थाई कठोरता– जल की स्थाई कठोरता जल में उपस्थित कैल्शियम एवं मैग्नीशियम के सल्फेट एवं क्लोराइड लवणों के कारण होती है जिसे उबालकर दूर नहीं किया जा सकता है। इस प्रकार एक कठोर जल में कैल्शियम और मैग्नीशियम के लवण उच्च मात्रा में मौजूद होते है।
Concept note नाइट्रोजन एक द्विपरमाण्विक तत्व है। क्योंकि नाइट्रोजन तत्व के दो परमाणु अपने वाह्य कक्षा में उपस्थित तीन- तीन इलेक्ट्रानो कि साझेदारी से सहसंयोजी बन्धन द्वारा स्थायित्व प्राप्त कर नाइट्रोजन अणु (र्) बना लेते है। 2
Concept note अमोनियम ऑक्जेलेट का रासायनिक सूत्र (NH) 4 2 ण् ध् है। आदर्श स्थिति में यह एक रंगहीन, गंधहीन यौगिक है। 2 4 यह बहुत से पौधों एवं सब्जियों में पाया जाता है। यह मनुष्य के शरीर में ग्लाइकोजलिक अम्ल एवं एस्कार्बिक अम्ल के उपापचयी क्रिया द्वारा बनता है तथा शरीर में रक्त का थक्का जमाने में मदद करता है।
Concept note अमोनिया एक तीक्ष्ण गंध वाली रंगहीन गैस हैं। यह हवा से हल्की है। अमोनिया नाइट्रोजन का एक स्थायी हाइड्राइड है। सर्वप्रथम 1774 में जोसेफ प्रिस्टले ने अमोनियम क्लोराइड तथा लाइम के मिश्रण को गर्म करके अमोनिया गैस प्राप्त किया और इसका नाम क्षारीय वायु रखा। अमोनिया कमरे के तापमान पर पानी में सर्वाधिक घुलनशील होती है। अमोनिया का उपयोग रेफ्रीजरेटरो में बर्फ जमाने, अमोनिया लवण के उत्पादन, यूरिया निर्माण एवं हाइड्रोजन के उत्पादन में किया जाता है।
Concept note नाइट्रोजन की खोज रदरफोर्ड ने 1772 में की थी। यह आवर्त सारणी का सातवाँ तत्व है तथा इसका प्रतीक चिन्ह ‘र्’ है। इसे आवर्त सारणी के उपवर्ग में रखा गया है।
Concept note अमोनिया, नाइट्रोजन का एक स्थायी हाइड्राइड है। सर्वप्रथम प्रीस्टले ने 1773 ई. में अमोनिया गैस की खोज किया। अमोनिया का रासायनिक सूत्र NH है। हैबर विधि द्वारा अमोनिया 3 का औद्योगिक निर्माण किया जाता है। अमोनिया का उपयोग यूरिया के निर्माण में तथा रेफ्रीजरेटरों में, बर्फ जमाने के लिए किया जाता है।
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