Concept note DDT एक क्लोरीन युक्त कार्बनिक कीटनाशी है जो लगभग गंधहीन, स्वादहीन, सफेद क्रिस्टलीय ठोस हैं। यह जल विरोधी पदार्थ है जो जल में लगभग अविलेय होता है किन्तु लगभग कार्बनिक विलायकों में विलेय होता है तथा मृदा द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है। यह जीवित जीवों के लिए हानिकारक होता है। DDT मुख्यत: जल व मृदा को प्रदूषित करता है DDT का पर्यावरण पर बहुत विपरीत प्रभाव पड़ ता है तथा इसके दुष्प्रभावों को देखते हुए विश्व के बहुत से देशों में इसके प्रयोग को प्रतिबन्धित कर दिया गया है।
Concept note ठोस अपशिष्ट, कृषि क्षेत्र, उत्पादन उद्योग, सीवेज स्लज, म्यूनिसिपल गारबेज आदि से उत्पन्न होते हैं। किन्तु उत्पादन उद्योग द्वारा उत्पन्न ठोस अपशिष्ट की मात्रा अधिक होती है।
Concept note क्लोरीनीकरण द्वारा जल में उपस्थित लोहा और मैंगनीज को हटाया नही जा सकता क्योकि क्लोरीन का उपयोग जल में उपस्थित सूक्ष्मजीवों को मारने तथा जल को शुद्ध करने के लिए किया जाता है, इस प्रक्रिया द्वारा जल में उपस्थित लोहे तथा मैगनीज को हटाया नहीं जा सकता है। आयन विनियम प्रक्रिया, निस्पंदक ऑक्सीकरण क्रिया तथा चूना सोडा प्रक्रिया या मैंगनीज जियोलाइट प्रक्रिया द्वारा जल से लोहे तथा मंैगनीज के अशुद्धियों को हटाया जा सकता है।
Correct answer: प्रभावित क्षेत्रों में भू–जल का अत्यधिक दोहन
Concept note भारत में आर्सेनिक समस्या का मुख्य कारण प्रभावित क्षेत्रों में भूपृष्टीय जल का अत्यधिक दोहन है। सामान्यत: रासायनिक कीटनाशकों तथा चूहे आदि मारने की दवाओं का लेड आर्सिनेट और कॉपर अर्सिनेट के रूप में प्रयोग करने से भूजल में आर्सेनिक प्रदूषण हुआ है तथा एक अन्य परिकल्पना में बरसात के पानी में आर्सेनिक युक्त पदार्थ मिलकर भूजल में मिल जाते है। जो जल प्रदूषण करते है।
Concept note वायु प्रदूषण के कारण 11% दिल्ली वासी अस्थमा और नासाशोध से पीड़ीत हैं। वायु प्रदूषण के रोकथाम हेतु शासनादेश द्वारा दिल्ली में चलने वाले वाहनों में उत्प्रेरक संपरिवर्तक का प्रयोग अनिवार्य कर दिया गया है।
Concept note मोटर गाड़ीयों से निकलने वाले गैसों में कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस सबसे जहरीली होती है। इसी कारण इसे दमघोटूँ गैस भी कहते हैं। यह सांस के माध्यम से शरीर में पहुँचकर रक्त में उपस्थित हीमोग्लोबिन की आक्सीजन वहन क्षमता को बिल्कुल कम कर देता है, जिसके कारण मनुष्य की मृत्यु हो जाती है।
Concept note वाहनों से निकलने वाली गैसों में मुख्यत: कार्बन मोनोऑक्साइड, बिना जले हाइड्रोकार्बन यौगिक, नाइट्रोजन के ऑक्साइड, सीसा एवं एलडिहाइड आदि वाहनो के आंतरिक दहन क्रिया के फलस्वरूप उत्सर्जित होते हैं। इनका दुष्प्रभाव केवल मनुष्य पर ही नहीं बल्कि जीवजंतुओं, पेड़-पौधों, भूमि-भवन पर भी पड़ता है। वाहनों से छोड़े गये धुएँ में लगभग 90% तक कार्बन मोनो ऑक्साइड हो सकती है। इसका शरीर खासकर दिमाग, फेफड़े हृदय, गुर्दे और रक्त पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।
Correct answer: अम्लीय वर्षा के कारण मार्बल का क्षरण
Concept note जब वर्षा जल का ज्प् मान 5.6 से कम हो तो वर्षा अम्लीय वर्षा होती है। इसका मुख्य कारण वर्षा जल में सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड व नाइट्रस ऑक्साइड का मिला होना है। अम्ल वर्षा के कारण संगमरमर से बनी इमारतों की दीवारों एवं छतों का धीरे-धीरे क्षरण होता है तो इस क्रिया को संगमरमर कैंसर कहा जाता है। अन्तर्राष्ट्रीय अम्ल वर्षा सूचना केन्द्र ओस्लो में है।
Correct answer: जैविक प्रक्रिया से निम्नीकृत किये जा सकते हैं।
Concept note जैवनिम्नीकरणीय माने जाने वाले पदार्थ जैविक प्रक्रिया से निम्नीकृत किए जा सकते हैं। वे पदार्थ जो जैविक प्रक्रम द्वारा अपघटित नहीं होते हैं अजैव निम्नकरणीय कहलाते हैं।
Concept note वर्षाकाल में जब अम्ल वर्षा होती है तो वर्षा जल का ज्प् मान 5.6 से कम होता है। ज्प् स्केल - अम्लीय एवं क्षारीय विलयन का विभेद प्रकट करता है। ज्प् मान 7 से कम है तो विलयन अम्लीय एवं 7 से अधिक है तो क्षारीय एवं 7 है तो उदासीन माना जाता है। ज्ञातव्य है कि अम्लीय वर्षा का प्रमुख कारण सल्फर डाई ऑक्साइड (SO) तथा नाइट्रोजन डाईऑक्साइड (NO) है। 2 2
Concept note गैर-जैवनिम्नीकरणीय (नॉन-बायोडिग्रेडेबल) या जैव अनअपघटनीय अपशिष्ट वे पदार्थ होते हैं जो जीवाणुओं द्वारा अपघटित नहीं होते हैं। यह कई वर्षों तक अपनी मूल अवस्था में बने रहते हैं। जैसे-प्लास्टिक, पॉलिथीन, काँच आदि। 6. भू-ऊष्मन एवं जलवायु परिवर्तन
Concept note ग्रीन हाऊस गैस में सर्वाधिक ऊष्मा रोधी क्षमता क्लोरोफ्लोरो कार्बन में होती है। क्लोरो-फ्लोरो कार्बन सबसे हानिकारक ग्रीन हाऊस गैस है, जो कार्बन डाईऑक्साइड की तुलना में एक हजार गुना ज्यादा हानिकारक है। हरित ग्रीन (ग्रीन हाउस) गैसों में कार्बन डाईऑक्साइड सबसे प्रमुख गैस है।
Concept note ग्लोबल वार्मिंग से तात्पर्य वैश्विक औसत तापमान में हुए वृद्धि से है। इसे ग्लोबल वार्मिंग की संज्ञा सर्वप्रथम ब्रिटिश पर्यावरणविद् ‘वालेस स्मिथ ब्रोकर’ ने 1970 के दशक में प्रदान किया था। ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य कारण पर्यावरण प्रदूषण के लिए उत्तरदायी ग्रीन हाउस गैस है। ग्रीन हाउस गैसों में CO CFC 2, मिथेन, नाइट्रस ऑक्साइड तथा ओजोन शामिल हैं। ज्ञातव्य है कि ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार सर्वप्रमुख गैस CO है। इसका 2 वैश्विक तापन में 60 प्रतिशत का योगदान है।
Correct answer: हरित-गृह का प्रभाव (ग्रीनहाउस इफेक्ट)
Concept note हरितगृह प्रभाव वह प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसके द्वारा पृथ्वी के वातावरण में मौजूद कुछ गैसें वातावरण के तापमान को अपेक्षाकृत अधिक बढ़ाने में मदद करती हैं।
Concept note हरित गृह प्रभाव में सबसे अधिक योगदान करने वाली गैस कार्बन डाईऑक्साइड है।
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