Correct answer: प्रत्यावर्ती ऊर्जा को बढ़ा सकता है
Concept note ट्रांसफार्मर एक ऐसा उपकरण है, जो विद्युत ऊर्जा को एक सर्किट से दूसरे सर्किट में बिना आवृत्ति बदले ट्रांसफर करता है। ट्रांसफार्मर केवल प्रत्यावर्ती धारा पर ही कार्य करता है। यह प्रत्यावर्ती वोल्टेज को कम कर सकता है या बढ़ा सकता है, किन्तु यह प्रत्यावर्ती ऊर्जा को बढ़ा नहीं सकता है।
Concept note ट्रान्सफार्मर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, ट्रान्सफार्मर AC विद्युत की वोल्टेज को कम या अधिक करने वाला उपकरण है, ट्रान्सफार्मर का आविष्कार फैराडे द्वारा किया गया था। यह ‘विद्युत प्रेरण के सिद्धान्त’ पर कार्य करने वाला यंत्र है, यह केवल प्रत्यावर्ती धारा (AC) के लिए प्रयुक्त किया जाता है। (x) विद्युत बल्ब/
Concept note बल्ब में प्रयुक्त टंगस्टन फिलामेंट के ऑक्सीकरण को रोकने के लिए बल्ब में नाइट्रोजन या ऑर्गन जैसी रासायनिक रूप से निष्क्रिय गैस का उपयोग किया जाता है।
Concept note विद्युत सेल के प्रतीक में मोटी, छोटी रेखा ऋणात्मक टर्मिनल का निरूपण करती है, जबकि लम्बी, पतली रेखा धनात्मक टर्मिनल का निरूपण करती है। विद्युत सेल दो प्रकार के होते है- प्राथमिक सेल- इस प्रकार के सेल में रासायनिक प्रतिक्रियाएं अपरिवर्तनीय होती है। इस प्रकार के सेल को उपयोग के बाद त्याग दिया जाता है और इसे रिचार्ज नही किया जा सकता है। उदाहरण:- साधारण वोल्टाइक सेल, डेनियल सेल और शुष्क सेल। द्वितीयक सेल:- इस प्रकार के सेल में रासायनिक प्रतिक्रियाएँ प्रतिवर्ती होती है और इन्हें उपयोग के बाद रिचार्ज किया जा सकता है।
Concept note रिमोट कंट्रोल, छोटे खिलौने, और वायरलेस रसोई के उपकरणों जैसे घरेलू गैजेट्स के लिए इस्तेमाल की जाने वाली AA बैटरी का प्रारंभिक वोल्टेज 1.5न्न् होता है
Concept note किसी संकाय (सिस्टम) की कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते है। ऊर्जा केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित की जा सकती है। जैसे-कोयले में संचित रासायनिक ऊर्जा को जलाकर उससे ऊष्मीय ऊर्जा प्राप्त की जाती है। उसी प्रकार बैटरी रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलती है।
Concept note विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत की खोज और समझ प्रयोगों की एक दीर्घ श्रृंखला पर आधारित है जिसे फैराडे और जोसेफ हेनरी द्वारा सन् 1831 में किया गया था।
Correct answer: चालक की गति, चुंबकीय क्षेत्र तथा प्रेरित धारा आपस में लंबवत् होते हैं।
Concept note फ्लेमिंग के दायें हाथ के (दक्षिण-हस्त) नियम के अनुसार यदि दायें हाथ का अंगूठा और उसके पास वाली दोनो अंगुलियों को एक दूसरे के लम्बवत् फैलायें तब यदि तर्जनी अंगुली चुंबकीय क्षेत्र की दिशा तथा अंगूठा चालक की गति की दिशा को प्रदर्शित करे तो मध्यमा अंगुली चालक में प्रेरित धारा की दिशा बतायेगी। अर्थात् चालक की गति, चुंबकीय क्षेत्र तथा प्रेरित धारा आपस में लम्बवत् होते हैं।
Concept note ताँबे के तार की एक आयताकार कुंडली जो किसी चुंबकीय क्षेत्र में घूर्णी गति कर रही है। इस कुंडली की प्रेरित विद्युत धारा की दिशा में प्रत्येक आधा घूर्णन (परिभ्रमण) के पश्चात परिवर्तन होता है।
Concept note जेम्स क्लर्क मैक्सवेल गणितीय भौतिकी शाखा के प्रख्यात स्कॉटिश वैज्ञानिक थे। इनकी सर्वप्रमुख उपलब्धि, वैद्युत चुम्बकीय विकिरण के मान्य सिद्धान्त को सूत्रबद्ध करना रहा। इसी सिद्धान्त के आधार पर इन्होंने वैद्युत चुम्बकत्व और प्रकाश की व्याख्या प्रस्तुत की। मैक्सवेल द्वारा दिये गये विद्युत चुम्बकीय समीकरण को भौतिकी का दूसरा महान समीकरण एकीकरण कहा गया था।
Concept note किसी चुम्बक के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें किसी चुम्बक या चुम्बकीय पदार्थ पर कोई बल लगता है, चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है। चुम्बकीय बल रेखायें सदैव चुम्बक के उत्तरी ध्रुव से निकलती हैं तथा वक्र बनाती हुयी दक्षिणी ध्रुव में प्रवेश कर जाती हैं और चुम्बक के अन्दर से होती हुई पुन: उत्तरी ध्रुव पर वापस आ जाती हैं।
Concept note जब नर्म लोहे के ऊपर विद्युत रोधी तार को लपेटा जाता है तब विद्युत चुम्बकीय पदार्थ का निर्माण होता है विद्युत चुम्बक का उपयोग डायनमों ट्रांसफार्मर, विद्युतघंटी एवं टेलीफोन इत्यादि में होता है।
Concept note माइकल फैराडे – विद्युत चुम्बकीय प्ररे ण – डायनेमो और जनरेटर जेम्स क्लर्क – विद्युत चुम्बकीय सिद्धान्त आंद्रे मैरी एम्पियर – विद्युत चुंबकत्व विज्ञान हैंस क्रिश्चियन ओर्सटेड– चुम्बकीय क्षेत्र को व्युत्पन्न करने का सिद्धांत
Concept note चुम्बक अपना चुम्बकत्व गर्म करने, हथौड़े से पीटने तथा ऊँचाई से गिराये जाने पर खो देता है। चुम्बक को एक निश्चित तापमान से अधिक गर्म करने पर (क्यूरी तापमान) यह अपना चुम्बकत्व खो देता है। 11. इलेक्ट्रॉनिक्स/
Concept note डायोडवाल्व का उपयोग एक दिष्टकारी के रूप में किया जाता है। अर्थात इसके द्वारा प्रत्यावर्ती धारा (AC) को दिष्टधारा (DC) में बदला जाता है। डायोड वाल्व की खोज सन् 1904 ई॰ में ब्रिटेन के वैज्ञानिक जान एम्ब्रोस फ्लेमिंग ने किया था। वास्तव में दो इलेक्ट्रोड वाले वाल्व को भौतिकीय भाषा में डायोड वाल्व कहा जाता है।
Concept note सिलिकॉन, जर्मेनियम, कार्बन आदि अर्द्धचालक पदार्थ हैं। अर्द्धचालकों की विद्युत चालकता अचालकों की अपेक्षा बहुत अधिक तथा सुचालकों की अपेक्षा बहुत कम होती है। इन पदार्थों की प्रतिरोधकता ताप बढ़ाने पर घटती है, अर्थात् चालकता बढ़ती है। 12. आधुनिक भौतिकी/(श्द्ीह झ्प्ब्ेग्म्े)
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