Concept note सार्वत्रिक गुरूत्वाकर्षण नियतांक ‘उ’ का मान प्रत्येक स्थान पर सदैव एक समान होता है। लॉर्ड हेनरी कैवेंडिश ही वह प्रथम व्यक्ति था जिसने गुरूत्वाकर्षण नियतांक का मान विश्वस्त सीमा तक ठीक–ठीक ज्ञात कर सकने की उत्कृष्ट प्रयोगशाला विधि का अनुसरण किया। सार्वत्रिक गुरूत्वाकर्षण नियतांक (G) का मान 6.67×10 –11 न्यूटन. मी2/किग्रा.2 होता है।
Concept note गुरुत्वाकर्षण एक पदार्थ द्वारा दूसरे पदार्थ को एक- दूसरे की ओर आकृष्ट करने की प्रवृत्ति है। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण बल का सूत्र प्रतिपादित किया, जिसमें उपस्थित उ एक समानुपाती नियतांक है, जिसका मान सभी स्थानों पर एक जैसा रहता है। इसका मान 6.67×10 –11 न्यूटन-मी.2/किग्रा.2 होता है।
Concept note जब कोई अन्तरिक्षयान अन्तरिक्ष में अपनी कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा होता है, तो उसकी गति से उत्पन्न हुआ अपकेन्द्री बल पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण खिंचाव को प्रतिसंतुलित करता है। दो विपरीत बलों के प्रतिसंतुलन होने से अन्तरिक्ष यान पर गुरूत्वाकर्षण शून्य हो जाता है। इसी कारण अन्तरिक्ष यान में बैठे यात्री भारहीनता महसूस करते है।
Concept note जब कोई गेंद किसी ऊँचाई से गिरायी जाती है तो हवा का प्रतिरोध न होने के कारण इसकी गति बढ़ जायेगी जबकि त्वरण स्थिर रहेगा। हवा के प्रतिरोध के कारण जो ऊर्जा का ह्रास होता है, वह उसकी गति बढ़ाने में जुड़ जायेगा।
Concept note आघातवर्धनीयता लोहे का वह गुण है, जिसके कारण गर्म लोहे के टुकड़े को पीटकर उसे चाकू का रूप दिया जा सकता है। तन्यता के गुण के कारण लोहे के टुकड़े को खींचकर उसके लम्बे तार बनाए जा सकते हैं।
Concept note मृदा द्वारा जल के अवशोषण से संबंधित सिद्धांत केशिका क्रिया के सिद्धांत पर आधारित है। सोख्ते द्वारा स्याही का सोखना, भूमिगत जल का ऊपर चढ़ना, सूती कपड़े पर जल का फैलना, लालटेन एवं लैम्प की बत्ती में तेल का चढ़ना और पौधों की जड़ों से जल का पौधों के विभिन्न भागों में पहुँचना इत्यादि केशिकत्व की क्रिया के उदाहरण हैं।
Correct answer: दबाव में वृद्धि के साथ द्रवों की श्यानता घटती है।
Concept note द्रव प्रवाह के दौरान द्रव की एक परत दूसरी परत की गति का विरोध करती है। ऐसा उनके बीच कार्यरत आन्तरिक घर्षण बल के कारण होता है। इसे श्यान बल कहते है। तापमान में वृद्धि के साथ द्रवों की श्यानता घटती है तथा दाब में वृद्धि से बढ़ती है।
Concept note किसी आदर्श द्रव की श्यानता शून्य होती है। श्यानता किसी तरल का वह गुण है जिसके कारण द्रव घर्षण बल के कारण अपने अवस्था या आकार में विकृति का विरोध करता है। सामान्य शब्दों में, श्यानता किसी भी तरल के गाढ़ेपन या उसके बहने का प्रतिरोध करने की क्षमता का परिचायक है। उदाहरण के लिये, पानी पतला होता है एवं उसकी श्यानता वनस्पति तेल की अपेक्षा कम होती है जो कि गाढ़ा होता है।
Concept note केशनली में द्रव के ऊपर चढ़ ने या नीचे उतरने की घटना को केशिकत्व या केशिका प्रक्रिया कहते हैं। दीपक या लालटेन की बत्ती में केशिका प्रक्रिया द्वारा ही तेल बाती में ऊपर की ओर चढ़ता है। पेड़, पौधों की शाखाओं, तनों एवं पत्तियों तक जल और आवश्यक लवण इसी क्रिया द्वारा ही पहुँचते हैं। (ग्ग्ग्) द्रवों का प्रवाह
Concept note आर्किमिडीज का सिद्धांत - जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी अथवा आंशिक रूप से डुबाई जाती है, तो उसके भार में कमी का आभास होता। भार में यह आभासी कमी वस्तु द्वारा हटाये गये द्रव के भार के बराबर होती है।
Concept note जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी अथवा आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो उसके भार में कमी का आभास होता है। भार में यह आभासी कमी वस्तु द्वारा हटाये गये द्रव के भार के बराबर होती है। इस सिद्धांत के आधार पर ही लैक्टोमीटर, हाइड्रोमीटर तथा जहाजो और पनडुब्बियों को डिजाइन किया जाता है।
Concept note वायु के बुलबुले तरल पदार्थ में श्यानता और उत्प्लावन के कारण उठते हैं। वास्तव में श्यानता किसी तरल का वह गुण है जिसके कारण तरल पदार्थ अपनी दो परतों के बीच होने वाली सापेक्षिक गति का विरोध करता है।
Correct answer: जितना समुद्र तल पर होता है, उससे कम
Concept note समुद्र तल से उँचाई पर अर्थात् पर्वतीय क्षेत्र में जाने पर उँचाई में वृद्धि के कारण वायुमण्डलीय दबाव कम हो जाता है। वायुमण्डलीय दबाव कम होने से जल का क्वथनांक भी कम हो जाता है। क्योंकि दाब बढ़ाने पर क्वथनांक में वृद्धि एवं दाब घटाने पर क्वथनांक में कमी होती है।
Concept note पास्कल के नियम के अनुसार, दबाव प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले बल जिस पर वह कार्य करता है, के बराबर होता है। पास्कल दाब का एस.आई. मात्रक है। पास्कल के नियम के अनुसार किसी बन्द बर्तन में भरे द्रव में द्रव के किसी स्थान पर लगाया गया दाब बिना कम हुए समान रूप से चारों ओर संचारित हो जाता है। (न्ग्) घनत्व (अहेग्ूब्)
Concept note फॉरेनहाइट, तापमान मापने का एक पैमाना है। इस पैमाने के अनुसार पानी, सामान्य वायुमण्डलीय दबाव पर 32ड्ढ इ पर जमता है एवं 212ड्ढ इ पर उबलता है, जिसे फॉरेनहाइट स्केल पर भापांक (स्टीम पॉइंट) कहा जाता है। सेन्टीग्रेड पैमाने पर सामान्य वायुमण्डलीय दाब (1 बार) की स्थिति में पानी का भापांक 100ड्ढण् तथा हिमांक 0 ड्ढण् होता है।
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