दूर-दृष्टि दोष वाले व्यक्ति को दूर की वस्तुएँ तो स्पष्ट दिखायी देती हैं परन्तु पास की वस्तुयें स्पष्ट नहीं दिखायी देती हैं। अर्थात् नेत्र का निकट बिन्दु 25 सेमी. से अधिक दूर हो जाता है। अत: ऐसे व्यक्ति को पठन सामग्री को सुस्पष्ट पढ़ने के लिए उसे 25 सेमी. से अधिक दूर रखनी पड़ती है।
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दूर-दृष्टि दोष वाले व्यक्ति को दूर की वस्तुएँ तो स्पष्ट दिखायी देती हैं परन्तु पास की वस्तुयें स्पष्ट नहीं दिखायी देती हैं। अर्थात् नेत्र का निकट बिन्दु 25 सेमी. से अधिक दूर हो जाता है। अत: ऐसे व्यक्ति को पठन सामग्री को सुस्पष्ट पढ़ने के लिए उसे 25 सेमी. से अधिक दूर रखनी पड़ती है।
Q202.मानव के अभिनेत्र लेंस के पतला होने पर फोकस दूरी क्या होगी?
अभिनेत्र लेंस पारदर्शक, कोमल होते हैं और प्रोटीनों के बने होते हैं। अभिनेत्र लेंस एक उत्तल लेंस होता है इसलिए वह प्रकाश किरणों को अभिसरित करता है और रेटिना पर वस्तु का वास्तविक और उल्टा प्रतिबिम्ब बनाता है। मानव के अभिनेत्र लेंस के पतला होने पर फोकस दूरी बढ़ जाती है। ऐसा तब होता है जब आँख दूरवर्ती वस्तुओं को देख रही होती है। जब आँख निकटवर्ती वस्तुओं को देखती है तो अभिनेत्र लेंस मोटा हो जाता है और फोकस दूरी कम हो जाती है। (न्ग्ग्ग्) प्रकाशिक यंत्र
Q203.निम्नलिखित में से किसने पहला यौगिक माइक्रोस्कोप बनाया?
यौगिक सूक्ष्मदर्शी की खोज ‘जकारियास जानसेन’ ने की थी। सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) वह प्रकाशिक यंत्र है जिसकी सहायता से आँख से न दिखने योग्य सूक्ष्म वस्तुओं को भी देखा जा सकता है। सूक्ष्मदर्शी की सहायता से अति सूक्ष्म चीजों की अवलोकन व जाँच की जाती है।
Q204.एक पेरिस्कोप का उपयोग करता है।
पेरिस्कोप एक प्रकाशिक यंत्र हैं, जिसकी सहायता से किसी पदार्थ (जैसे-जल) के आर-पार, ऊपर-नीचे या आस-पास के छिपे हुए भागों को देखा जा सकता है। पनडुब्बियों में यह एक अनिवार्य अंग है, क्योंकि इसकी सहायता से पानी के नीचे रहते हुए जल के पृष्ठ के ऊपर का दृश्य देखा जाता है, साधारण पेरिस्कोप दो समानान्तर समतल दर्पणों के मध्य प्रकाश के परावर्तन के सिद्धान्त पर आधारित हैं।
Q205.प्रत्यक्ष किरण सौर विकिरण के मापन के लिए निम्न में से किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?
पाइरेलियोमीटर (सूर्य विकिरण मापी) प्रत्यक्ष किरण सौर (सूर्य) विकिरण को मापने का यंत्र है। ऑप्टोमीटर से मानव आंख का परीक्षण एवं इलाज किया जाता है। क्रोनोमीटर जलयानों पर लगा होता है इससे समय का पता लगाया जाता है। रिफ्रेक्टोमीटर से पारदर्शक माध्यमों के अपवर्तनांक की गणना की जाती है। (ग्ेर्) प्रकाश का वर्णविक्षेपण/इन्द्रधनुष
Q206.इंद्रधनुष के रंगों में सबसे लंबी तरंगदैर्ध्य किस रंग की होती है?
इन्द्रधनुष बनने का कारण प्रकाश का परावर्तन, पूर्ण आंतरिक परावर्तन तथा प्रकाश का अपवर्तन होता है। जिसके कारण वर्ण विक्षेपण कि क्रिया सम्पन्न होती है और हमें सात रंगों का इंद्रधनुष दिखाई पड़ता है। जिसमें लाल रंग कि तरंगदैर्ध्य सर्वाधिक व बैगनी रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है।
Q207.फ्यूज तार किस मिश्रधातु के बने होते है?
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
लघु पथन के खतरों से बचने के लिए विभिन्न परिपथों में फ्यूज तार लगाये जाते है। फ्यूज तार, टिन व सीसे की मिश्र धातु का एक छोटा सा तार है। इसका गलनांक कम होता है। इसे परिपथ के किसी एक संयोजक तार के श्रेणी क्रम में लगा देते हैं। जब परिपथ में किसी कारण धारा का मान एक निर्धारित मान से अधिक हो जाता है तो फ्यूज तार तुरन्त गर्म होकर पिघल जाता है और परिपथ को तोड़ देता है जिससे धारा का प्रवाह तुरन्त रूक जाता है।
Q209.विद्युत तारों को सामान्यत: कोट किया जाता है।
विद्युत तारों पर पॉलीविनाइल क्लोराइड की परत चढ़ाई जाती है, क्योंकि यह विद्युत का कुचालक होता है।
Q210.‘‘किरचॉफ के नियम’’, विज्ञान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र से संबंधित हैं?
सन् 1845 में गुस्तॉव किरचॉफ ने विद्युत परिपथों में वोल्टता एवं धारा संबंधित दो नियम प्रतिपादित किये। ये दोनों नियम संयुक्त रूप से ‘किरचॉफ के वैद्युत परिपथों का नियम’ कहलाते है। ये नियम विद्युत परिपथों के लिये वस्तुत: आवेश संरक्षण एवं ऊर्जा संरक्षण के नियमों के भिन्न रूप है।
Q211.एम्पीयर के संबंध में सही कथन की पहचान करें।
जब किसी विद्युत परिपथ में 1 सेकंड में 1 कूलॉम आवेश का प्रवाह होता है तो परिपथ में बहने वाली धारा का मान 1 एम्पीयर होगा। अर्थात एक कूलॉम आवेश प्रति सेकेण्ड के प्रवाह से एक एम्पीयर बनता हैं।
Q212.धातुओं से होकर होने वाली विद्युत चालकता को इलेक्ट्रॉनिक चालन कहा जाता है और यह –––––।
धातुओं से होने वाली विद्युत चालकता को इलेक्ट्रॉनिक चालन कहा जाता है और यह तापमान में वृद्धि के साथ घटता है।
Q213.हम विद्युत चालक में विद्युत धारा की तुलना –––––– से कर सकते है।
विद्युत चालक वे पदार्थ है जिनसे होकर विद्युत धारा सरलता से प्रवाहित होती है जैसे ताँबा, एल्युमिनियम, जस्ता, सोना, चाँदी विद्युत चालक है। ध्यातव्य है कि विद्युत चालक में विद्युत धारा की तुलना नदी में जल धाराओं से कर सकते है।
Q214.निम्नलिखित में से कौन सा एक विद्युत का चालक नहीं है?
जिन पदार्थों में विद्युत का चालन आसानी से हो जाता है तथा विद्युत का प्रवाह मुक्त रूप से होता है विद्युत चालक कहलाते हैं जैसे- लोहा, पारा, मैगनीज, चांदी, एल्युमिनियम, लवण का जलीय विलयन आदि। जबकि एबोनाइट एक प्रकार की रबर (रबड़) है जो विद्युत का कुचालक है। (न्ग्) प्रतिरोध/
Q215.यदि विद्युत प्रतिरोध कम करना हो तो प्रतिरोधकों की संख्या को किससे जोड़ना चाहिए?
विद्युत प्रतिरोध कम करने के लिए प्रतिरोधो का समान्तर क्रम प्रयोग होता है। यदि प्रतिरोधो को इस प्रकार जोड़ा जाय कि हर प्रतिरोध पर समान विभवान्तर रहे तो उसे समान्तर क्रम संयोजन कहा जाता है। जबकि अधिकतम विद्युत प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए श्रेणी (माला) क्रम संयोजन प्रयुक्त किया जाता है।
Q216.जब दो प्रतिरोधों R व R को श्रेणी में जोड़ा जाता है 1 2 तो उनका तुल्य प्रतिरोध क्या होगा?
श्रेणीक्रम में प्रतिरोधों को इस प्रकार जोड़ा जाता है कि प्रतिरोधों के संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोध का दूसरा सिरा अगले वाले प्रतिरोध के पहले सिरे से जुड़े। इस प्रकार इस संयोजन में सभी प्रतिरोधों में एक ही धारा प्रवाहित होती है। ऐसे में सभी प्रतिरोधों का तुल्य प्रतिरोध सभी प्रतिरोधों के जोड़ के बराबर होता है। अत: R 1 व R को श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है तो उनका तुल्य प्रतिरोध R 2 1 + R होगा। 2
Q217.विद्युत परिपथ में विभवान्तर मापने के लिए प्रयुक्त मापक ––––– कहलाता है।
वोल्टमीटर एक मापन यंत्र है। जिसका उपयोग इलेक्ट्रिक सर्किट में दो बिन्दुओं के बीच विभव के अन्तर को मापने के लिए किया जाता है। इसकी खोज 1819 ई. में हैंस ऑरेस्टेड ने किया था। जबकि जाइरोस्कोप (घूर्णदर्शी) किसी वस्तु की कोणीय स्थिति (झुकाव) को मापने के लिए, थर्मामीटर-तापमापी यंत्र और अमीटर-विद्युत धारा को मापने वाला यंत्र है।
वैद्युत अवक्षेपित्र में इलेक्ट्रोड तार होता है जिससे होकर हजारों वोल्ट गुजरता है, वह इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए कोरोना का उत्पादन करता है।
Q219.निम्नलिखित में से कौन सा उपकरण परिपथ (सर्किट) में विद्युत-धारा की उपस्थिति का पता लगा सकता है?
सूची घ् सूची II धारामापी (गैल्वेनोमीटर) विद्युत परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति को ज्ञात करने में उपयोग किया जाता है। चुंबकत्वमापी (मैग्नेटोमीटर) चुम्बकीय पदार्थो के चुम्बकन का मापन करने वाला उपकरण वायुदाबमापी (बैरोमीटर) वायुमंडलीय दाब मापने वाला यंत्र रक्तदाबमापी (स़्िफग्मोमैनोमीटर) धमनियों में रुधिर के दाब को मापने का उपकरण (ग्ेर्) ट्रांसफॉर्मर/
Q220.निम्नलिखित में से कौन-सा घटक एकीकृत परिपथ के भीतर नहीं बन सकता है?
ट्रान्सफार्मर, एकीकृत विद्युत परिपथ के भीतर नहीं बन सकता। एकीकृत विद्युत परिपथ, चिप के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अर्द्धचालक पदार्थ के अन्दर बना हुआ इलेक्ट्रानिक परिपथ होता है जिसमें, प्रतिरोध, संघारित्र आदि पैसिव कम्पोनेण्ट के अलावा डायोड, ट्राँजिस्टर आदि अर्द्धचालक अवयव निर्मित किये जाते हैं।