Concept note पटियाला में स्थित शीश महल का निर्माण महाराजा नरिंदर सिंह द्वारा वर्ष 1847 में करवाया था। इस महल को बनाने में विशेष रंगीन काँच का उपयोग किया गया है, जिसके कारण इसे दर्पणों का महल कहा जाता है।
Concept note सर एडविन लूटियंस और हर्बर्ट बेकर प्रसिद्ध ब्रिटिश वस्तुकार थे। एडविन लूटियंस और हर्बर्ट बेकर ने भारत की तत्कालीन राजधानी नई दिल्ली का डिजाइन तैयार किया था। सर एडविन लूटियंस के साथ हर्बर्ट बेकर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन की रूपरेखा बनाने में भी शामिल थे।
Concept note इण्डिया गेट या अखिल भारतीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली के राजपथ पर स्थित लाल और पीले बलुआ पत्थरों से बना 43 मीटर ऊँचा विशाल द्वार है जिसका डिजाइन सर एडविन लुटियन्स ने तैयार किया था। इसे सन् 1931 में बनाया गया था। मूल रूप से इस स्मारक का निर्माण अंग्रेज शासकों द्वारा उन 90000 भारतीय सैनिकों की स्मृति में किया गया था जो ब्रिटिश सेना में भर्ती होकर प्रथम विश्वयुद्ध और अफगान युद्धों में शहीद हुए थे।
Concept note करेंसी बिल्ंिडग कोलकाता में स्थित एक तीन मंजिला इमारत है जिसे इतालवी वास्तु शैली में डिजाइन किया गया है। इस इमारत को 1833 ई. में आगरा बैंक लिमिटेड के कार्यालय के रूप में बनाया गया था। सरकार ने इसे 1868 ई. में इसका बड़ा हिस्सा अधिग्रहित कर लिया तथा इसका नाम बदलकर करेंसी बिल्डिंग कर दिया।
Concept note विक्टोरिया मेमोरियल कोलकाता में स्थित रानी विक्टोरिया को समर्पित एक स्मारक है। इसका निर्माण वायसराय लॉर्ड कर्जन द्वारा प्रस्तावित किया गया था। इसका निर्माण 1906 से 1921 तक हुआ। ताजमहल की तरह, विक्टोरिया मेमोरियल भी सफेद मकराना के संगमरमर का बना है। इसे अब एक संग्रहालय में बदल दिया गया है।
Concept note भारतीय परिषद अधिनियम या मॉर्ले-मिन्टो सुधार - १९०९– इस अधिनियम में पहली बार मुस्लिम समुदाय के लिये पृथक निर्वाचन मण्डल की सुविधा प्रदान की गई। भारत में साम्प्रदायिक निर्वाचन पद्धति का जन्मदाता लार्ड मिन्टो को ही माना जाता है। इस अधिनियम के द्वारा भारत में प्रतिनिधित्व के आधार पर विधान परिषदों में निर्वाचन प्रणाली लागू की गयी।
Concept note भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के दौरान घटित घटनाओं का क्रम निम्नवत है– 1. बंगाल का विभाजन – 1905 2. खेड़ा सत्याग्रह – 1918 3. साइमन कमीशन का आगमन – 1928 4. डांडी यात्रा – 1930
Concept note बक्सर का युद्ध – (22 अक्टूबर, 1764 ई.) बक्सर का युद्ध अंग्रेजी सेना तथा भारतीयों की संयुक्त सेना के बीच हुआ। अंग्रेजी सेना का नेतृत्व मेजर हेक्टर मुनरो तथा भारतीय सेना में मीर कासिम, शुजाउद्दौला, शाहआलम-II की सेना थी। इस युद्ध मे भारतीय नेतृत्व हार गया। यह भारतीय इतिहास के सबसे निर्णायक युद्धों में से था। हल्दीघाटी का युद्ध– 1572 ई. में उदयसिंह की मृत्यु के बाद महाराणा प्रताप मेवाड़ का शासक बने। अकबर ने मेवाड़ को पूर्ण रूप से जीतने के लिये 18 जून, 1576 ई. को आमेर के राजा मानसिंह एवं आसफ खां के नेतृत्व में मुगल सेना को आक्रमण के लिए भेजा। यह युद्ध ही हल्दीघाटी का युद्ध कहलाया। इस युद्ध में महाराणा प्रताप पराजित हुए। चौसा का युद्ध– बिहार में बक्सर के निकट कर्मनाशा नदी के किनारे चौसा नामक एक छोटा सा कस्बा है। 26 जून, 1539 ई. को इस स्थान पर हुमायूँ और शेरशाह सूरी के बीच युद्ध हुआ था जिसमें हुमायूँ बुरी तरह पराजित हुआ और उसने नदी में कूदकर अपनी जान बचायी। इस समय एक भिस्ती ने हुमायूँ का सहयोग किया था। प्लासी का युद्ध– 23 जून, 1757 ई. को बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला तथा रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना के बीच निर्णायक युद्ध हुआ था, जिसमें अंग्रेजों की जीत हुई थी।
Concept note डच महल के रूप में लोकप्रिय मट्टनचेरी महल मट्टनचेरी, कोच्चि केरल में स्थित एक पुर्तगाली महल है। यह महल यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की ‘‘अस्थायी सूची’’ में शामिल था। मट्टनचेरी महल पुर्तगालियों द्वारा लगभग १५४५ ई. में बनवाया गया था और इस महल के आस-पास के क्षेत्र में उनके द्वारा लूटे गए मंदिर की क्षतिपूर्ति के रूप में पुर्तगालियों ने इसे वीर केरल वर्मा को संतुष्ट करने के लिए उसे उपहार स्वरूप भेंट किया था।
Concept note ब्रिटिश शासन के दौरान, भारत के पहले वन महानिरीक्षक जर्मन वनस्पति शास्त्री डायट्रिच ब्रैंडिस (१८६४) थे। इन्हें भारतीय वन के पिता के रूप में भी जाना जाता है।
Concept note 1901 ई. में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने बालकों की शिक्षा हेतु एक प्रयोगात्मक विद्यालय स्थापित किया जो प्रारम्भ में ‘ब्रह्म विद्यालय’ बाद में ‘शान्ति निकेतन’ तथा 1921 ई. में ‘विश्व भारती विश्वविद्यालय’ के नाम से प्रख्यात हुआ।
Concept note भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७ ने रियासतों को यह विकल्प दिया कि वे भारत या पाकिस्तान अधिराज्य (डोमिनियम) में शामिल हो सकती हैं या एक स्वतंत्र सम्प्रभु राज्य के रूप में स्वयं को स्थापित कर सकती है। सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा ५६२ छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में विलीनीकरण करके भारतीय एकता का निर्माण किया गया। इसमें जम्मू-कश्मीर, जूनागढ़ तथा हैदराबाद राज्य को छोड़कर सरदार पटेल ने सभी रियासतों को भारत में मिला लिया था।
Concept note लार्ड लिटन (1876–1880) के समय में दक्कन में भीषण अकाल पड़ा जिसके कारण 1878 ई. में सर रिचर्ड स्ट्रेची की अध्यक्षता में एक अकाल आयोग का गठन किया गया। इसी आयोग की सिफारिश पर ‘अकाल संहिता’ की रचना की गयी। वर्ष 1897 में लॉर्ड एलगिन ने ‘सर जेम्स लायल’ की अध्यक्षता में अकाल आयोग गठित किया। 1900 ई. में लॉर्ड कर्जन ने सर एण्टोनी मैकडोनल की अध्यक्षता में एक अकाल आयोग गठित किया।
Concept note अखिल भारतीय हिन्दू महासभा भारत में सबसे पुराने संगठनों में से एक है, इसका गठन वर्ष १९१५ में हुआ था। इस संगठन की स्थापना करने वाले और अखिल भारतीय सत्रों की अध्यक्षता करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में पंडित मदन मोहन मालवीय, लाला लाजपत राय, वीर विनायक दामोदर सावरकर आदि शामिल थे।
Concept note अवध उत्तर भारत में स्थित वर्तमान उ.प्र. का पूर्वी भाग था। 1722 ई. में सआदत-खाँ (बुरहान-उल मुल्क) ने अवध की स्वतत्रं राज्य के रूप में स्थापना की थी। नवाब वाजिद अलीशाह (1847-56 ई.) अवध का अन्तिम नवाब था। इसके शासन काल में 1854 ई. में आउट्रम की रिपोर्ट सौंपी गई जिसे आधार बनाकर ‘कुशासन’ का आरोप लगाकर लार्ड डलहौजी ने ४ फरवरी 1856 को अवध राज्य को हड़प लिया तथा नवाब वाजिद अली शाह को पेंशन पर निर्वासित कर कलकत्ता भेज दिया गया।
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