Concept note भारत की राष्ट्रीय आय में सेवा क्षेत्र का सर्वाधिक योगदान है। सेवा क्षेत्र कोई एक सेवा नहीं बल्कि अन्य कई क्षेत्रों द्वारा प्रदत्त सेवाओं का योग है। दूरसंचार, कम्प्यूटर साफ्टवेयर, आन्तरिक्ष यान मैपिंग से लेकर रेलवे, रोडवेज, बन्दरगाह, आदि प्रमुख सेवा क्षेत्र है। भारत की राष्ट्रीय आय में सेवा क्षेत्र का योगदान वर्ष 2020 में 54.77% था।
Concept note जी.डी.पी. (सकल घरेलू उत्पाद) के क्षेत्रवार वितरण से देश का आर्थिक विकास मापा जाता है। सकल घरेलू उत्पाद में विभिन्न क्षेत्रों- सेवा, उद्योग, कृषि आदि का प्रदर्शन आकलित किया जाता है जो कि किसी देश के आर्थिक विकास को दर्शाने वाले प्रमुख घटक होते हैं।
Concept note केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन भारत में सांख्यिकीय गतिविधियों के समानान्तर एवं राष्ट्रीय आय के वृद्धि और अनुरक्षण हेतु उत्तरदायी संगठन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय,भारत सरकार के अन्तर्गत कार्य करता है।
Concept note राष्ट्रीय आय के आंकलन के लिए प्राय: व्यय पद्धति, उत्पादन पद्धति और आय पद्धति का प्रयोग किया जाता है। जबकि मैट्रिक्स (आधात्री) पद्धति का प्रयोग मुख्य रूप से सिविल इंजिनियरिंग में किया जाता है। इसका प्रयोग समीकरणों को हल करने में किया जाता है।
Concept note किसी उद्यम में मूल्य ह्रास से तात्पर्य पूंजीगत वस्तुओं के मूल्य ह्रास से सम्बन्धित है। यह पूँजी के मूल्य में अप्रत्यक्षरूप से कमी को दर्शाता है। उदाहरण के तौर पर कोई मशीनरी यदि 50 हजार रुपये की 10 वर्ष की अवधि तक कार्य करने में सक्षम परंतु बीच में उसमें खराबी आने से यदि 10 हजार रुपये की हानि होती है तो इसे मशीनरी ह्रास के रूप में देखा जाता है।
Concept note सकल घरेलू उत्पाद की गणना के लिए निम्न सूत्र का प्रयोग करते हैं सकल घरेलू उत्पाद · उपभोग ± सकल निवेश ± सरकारी खर्च ± (निर्यात-आयात) या सकल घरेलू उत्पाद · 400 ± 80 ±150 ± (35-40) · 625 मिलियन डॉलर
Concept note सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का आशय किसी देश में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य से होता है। अर्थात् अर्थव्यवस्था के प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों में उत्पादन के मूल्य को सकल घरेलू उत्पाद कहा जाता है।
Concept note किसी एक वित्तीय वर्ष में उत्पादित अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के कुल मौद्रिक मूल्य को राष्ट्रीय आय कहा जाता है। राष्ट्रीय आय में वस्तुओं एवं सेवाओं की बाजार कीमतें शामिल होती हैं। राष्ट्रीय आय में गृहिणी की सेवाएं शामिल नहीं की जाती हैं।
Correct answer: पुनर्विक्रय या अन्य वस्तुओं के उत्पादन के लिए उद्योगों के बीच बेची जाने वाली वस्तु।
Concept note इण्टरमीडिएट गुड्स या मध्यवर्ती वस्तु ऐसा उत्पाद है जिसका उपयोग अन्तिम वस्तु बनाने के लिये किया जाता है। मध्यवर्ती वस्तु को पुनर्विक्रय के लिये या अन्य वस्तुओं का उत्पादन करने के लिये उद्योग इन वस्तुओं को एक दूसरे को बेचते है। 2. गरीबी एवं बेरोजगारी
Correct answer: राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन
Concept note राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन रोजगार और बेरोजगारी पर सर्वेक्षण है राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (NSSO) भारत सरकार के सांख्यिकी मंत्रालय के अधीन एक संगठन है। अब इसका नाम ‘‘राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय’’ (National Sample Survey Office) हो गया है। यह भारत का सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण करने वाला सबसे बड़ा संगठन है। इसकी स्थापना 1950 में की गई थी।
Concept note छोटे किसान और मौसमी मजदूर जैसे लोग जो नियमित रूप से गरीबी दायरे के अन्दर और बाहर होते रहते है। उन्हें विलोडन गरीब के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
Concept note दादाभाई नौरोजी ने अपनी पुस्तक ‘पॉवर्टी SCड अनब्रिटिश रूल इन इण्डिया’ में पहली बार ‘गरीबी रेखा’ का मापन न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति से लगाया था। भारत में सबसे पहले ‘राष्ट्रीय आय’ की गणना इन्हीं के द्वारा 1867 में की गयी थी, जिसमें उनके द्वारा प्रति व्यक्ति आय को 20 रु. बताया गया था।
Concept note गरीबी एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति जीवन के निर्वाह के लिए बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ होता है। इन बुनियादी आवश्यकताओं में शामिल है- भोजन, वस्त्र और घर। भारत में गरीबी रेखा को मापने के लिए शिक्षा को निर्वाह कारक के रूप में उपयोग किया जाता है क्योंकि निर्धनता और अशिक्षा का परस्पर सम्बन्ध है। अशिक्षा से निर्धनता बढ़ ती है क्योंकि अशिक्षित व्यक्ति के धन कमाने का सामर्थ्य बहुत कम रहता है।
Concept note छिपी हुई बेरोजगारी से आशय यह है कि जिसकी सीमांत उत्पादकता शून्य हो। छिपी हुई बेरोजगारी की अवधारणा श्रीमती जॉन राबिन्सन ने दी है। छिपी हुई बेरोजगारी प्राय: कृषि क्षेत्र मे दिखाई देती है। छिपी हुई बेरोजगारी से आशय यह है कि देखने में तो रोजगारपरक लगते हैं लेकिन वास्तव मे बेरोजगार रहते हैं। भारत में बेरोजगारी की समस्या बहुत गम्भीर है। दिसंबर 2020 में देश में बेरोजगारी की दर 9.1% है।
Concept note लारेन्ज वक्र के माध्यम से आय वितरण को दर्शाया जाता है। यह वक्र कुल आय व आय प्राप्तकर्ताओं के मध्य व्याप्त विषमता को दर्शाता है। जबकि मुद्रास्फीति बाजार की ऐसी स्थिति है जिसमें मुद्रा का मूल्य गिरता है तथा वस्तु की कीमत स्तर में वृद्धि होती है।
Correct answer: एक न्यूनतम वेतन नियम सभी अकुशल श्रमिक को लाभ पहुँचाएगा।
Concept note न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 भारत की संसद द्वारा पारित एक श्रम कानून है, जो कुशल तथा अकुशल श्रमिकों को दी जाने वाली मजदूरी का निर्धारण करता है। एक न्यूनतम वेतन फर्म्स को अधिक वेतन का भुगतान करने के लिए मजबूर करके नुकसान पहुँचाता है तथा एक न्यूनतम वेतन ग्राहकों का नुकसान पहुँचाता है क्योंकि इस नियम से आमतौर पर उत्पाद की कीमतें बढ़ती है। एक न्यूनतम मजदूरी, फर्म्स को अधिक वेतन भुगतान करने के लिये मजबूर करता है। जिससे फर्म्स बड़े-बड़े मशीनों तथा कल-पूर्जो से उत्पादन की ओर प्रेरित होते है जिससे अकुशल श्रमिकों को हानि पहुँचाती है।
Concept note सामान्य रूप से बेरोजगारी से आशय उत्पादन कार्य में न लगा होना है। संरचनात्मक बेरोजगारी, औद्योगिक क्षेत्र में संरचनात्मक परिवर्तनों के परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली बेरोजगारी है। इस प्रकार बेरोजगारी दीर्घकालीन होती है। मूलत: भारत में बेरोजगारी का स्वरूप यही है। जबकि किसी विशेष मौसम या अवधि में कुछ महीनों में उत्पन्न होने वाली बेरोजगारी मौसमी बेरोजगारी कहते है।
Concept note BIMARU शब्द भारत के बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों के नामों के पहले अक्षरो से बना एक संक्षिप्त रूप है। यहाँ श् शब्द मध्य प्रदेश को प्रदर्शित करता हैं। इसका उपयोग उन राज्यों के साथा किया जाता है, जिनका प्रदर्शन भारत की जीडीपी विकास दर को नीचे खींच रहा था। चूंकि अब इनमें से कुछ राज्यों के विकास विकसित राज्यों की तुलना में तेजी से आगे बढ़ ने शुरू करने से बीमारू की अवधारणा पुरानी हो गई है।
Concept note भारतीय अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान है। इसके समस्त जनसंख्या का 59% भाग कृषि कार्य से जुड़ी है। भारत की कुल श्रम शक्ति का लगभग 55% भाग कृषि में लगा हुआ है। सी. एस. ओ. द्वारा जारी नई शृंखला आधार वर्ष (2011-12) के अनुसार वर्ष 2019-20 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (G.D.P) में कृषि क्षेत्र का योगदान 17.8% था।
Concept note अल्पाधिकार बाजार के अधीन माँग वक्र अनियत होता है। क्योंकि अल्पाधिकार में यह निश्चित नहीं है कि एक फर्म द्वारा कीमत परिवर्तन का निश्चित परिणाम प्रतिद्वद्वियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इसलिए एक अल्पाधिकारी फर्म के माँग वक्र को निश्चित रूप से नहीं बनाया जा सकता।
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